2 साल के बच्चे के लिए कितना पानी बहुत ज्यादा है?HealthPlanet

Posted on Sat 22nd Oct 2022 : 15:52

Water intake for Toddlers : जानिए किस उम्र में बच्‍चे को कितना पानी पीना चाहिए

इंसान के लिए पानी बहुत जरूरी है। उसके शरीर की अनगिनत क्रियाएं पानी पर ही निर्भर करती हैं। हर उम्र में शरीर को अलग-अलग मात्रा में पानी की जरूरत होती है और यहां हम आपको बताएंगे कि टॉडलर को कितना पानी पीना चाहिए।

water intake for toddlers in hindi.
माता-पिता अपने बच्‍चों की डायट और पोषण से जुड़ी जरूरतों का पूरा ध्‍यान रखते हैं लेकिन आपको बता दें कि टॉडलर (12 से 36 महीने की उम्र) को पानी की भी बहुत आवश्‍यकता होती है। मस्तिष्‍क और मांसपेशियों के ठीक तरह से कार्य करने के लिए पानी जरूरी होता है।


कई बार पैरेंट्स बच्‍चों में तरल पदार्थ की पूर्ति के लिए पानी की जगह अन्‍य फ्लूइड दे देते हैं जो कि सही नहीं है। अन्‍य फ्लूइड्स से शरीर में तरल की मात्रा तो बढ़ती है लेकिन वो पानी की जगह नहीं ले सकते हैं। आपको ये बात समझनी चाहिए कि एक दिन में टॉडलर को कितनी मात्रा में पानी पीने की जरूरत होती है।
बच्चों को कितना पानी पीना चाहिए
बच्‍चों के विकास के लिए पानी बहुत जरूरी होता है इसलिए आपको अपने बच्‍चे में कम उम्र से ही पानी पीने की आदत डालनी शुरू कर देनी चाहिए। 1 साल से 3 साल की उम्र तक के बच्‍चे को दिनभर में लगभग 5 से 6 कप पानी पीना चाहिए। मौसम के हिसाब से भी बच्‍चे की पानी की जरूरत बदलती रहती है। गर्म और उमस भरे तापमान में डिहाइड्रेशन और थकान से बचने के लिए बच्‍चे को ज्‍यादा पानी पीने की जरूरत होती है।

Benefits Of Clay Water Pot : गर्मियों में जरूर पिएं मिट्टी के घड़े का पानी, होते हैं ये 5 बेहतरीन फायदे
मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया हमारे शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में बहुत बड़ा योगदान निभाती है। यह विशेष प्रकार के केमिकल रिएक्शन करके हमारी बॉडी को सेहतमंद बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाता है। मिट्टी के घड़े में ऐसे विशेष गुण होते हैं जो पानी के द्वारा अवशोषित कर लिए जाते हैं। इस कारण जब हम इसमें रखा हुआ पानी पीते हैं तो यह मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया को दुरुस्त बनाए रखने में प्रभावी रूप से कार्य करता है।

मिट्टी के घड़े में स्टोर किए गए पानी को पीने से सबसे बड़ा फायदा पेट को होता है। यह पेट से जुड़ी कई प्रकार की समस्याएं जैसे कब्ज, एसिडिटी, पेट में ऐंठन को दूर करने के लिए सकारात्मक असर दिखा सकता है। कई वैज्ञानिक अध्ययन में इस बात का दावा भी किया जा चुका है कि मिट्टी के घड़े या फिर मिट्टी से बने हुए बर्तन में स्टोर किए गए पानी को पीने से पेट से जुड़ी कई प्रकार की समस्याओं से राहत पाई जा सकती है।
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डिटॉक्सीकरण के जरिए हम अपने शरीर में मौजूद गंदगी को बाहर करते हैं। इसके लिए लोगों के द्वारा अलग-अलग ड्रिंक का भी सहारा लिया जाता है। वहीं, मिट्टी के घड़े में स्टोर किए गए पानी को अगर पीने के लिए इस्तेमाल किया जाए तो यह शरीर में मौजूद गंदगी को बाहर करने के लिए लाभदायक असर दिखा सकता है। आप चाहें तो इसका सेवन करके इससे होने वाले फायदे को खुद ही महसूस कर सकते हैं।
पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना मिट्टी के घड़े में पानी को स्टोर करके बड़ी आसानी से ठंडा किया जा सकता है। मिट्टी से बने हुए घड़े में ऐसी विशेष प्रक्रिया होती है जिसके कारण जब हम इसमें पानी को स्टोर करते हैं तो वह कुछ ही देर में पानी को ठंडा करने लगता है। करीब 2 घंटे बाद अगर आप इस पानी का सेवन करेंगे तो आपको बिल्कुल फ्रिज में रखे हुए पानी जैसे ही ठंडक का एहसास कराएगा। इसके कारण हमारे शरीर को किसी भी प्रकार का स्वास्थ्य जोखिम भी नहीं उत्पन्न होता है। इसलिए आप चाहे तो मिट्टी के घड़े में पानी को स्टोर करके ठंडा भी कर सकते हैं।
एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, इस बात का भी दावा किया जाता है कि गर्मियों में सन स्ट्रोक से बचे रहने के लिए मिट्टी के घड़े में स्टोर किए गए पानी को पीना काफी लाभदायक साबित होगा। प्राकृतिक रूप से ठंडा होने के कारण मिट्टी के घड़े का पानी आपके शरीर को लंबे समय तक ठंडक प्रदान करेगा और आप सन स्ट्रोक की चपेट में आने से बचे रह सकते हैं।
ज्यादा पानी क्यों पीना चाहिए
अगर आपका बच्‍चा शारीरिक रूप से ज्‍यादा एक्टिव रहता है तो उसके शरीर को हाइड्रेट रहने के लिए अधिक पानी की आवश्‍यकता होती है। वहीं बीमार होने पर भी बच्‍चों को पर्याप्‍त मात्रा में पानी पिलाना चाहिए। जुकाम, फ्लू या दस्‍त होने पर म्‍यूकस बनने की वजह से शरीर में फ्लूइड की कमी हो जाती है इसलिए इस दौरान बच्‍चों को ज्‍यादा पानी पिलाना चाहिए।

उम्र के हिसाब से कितना पानी पीना चाहिए
6 से 12 महीने की उम्र में दिन भर में डेढ़ से एक कप, 12 से 24 महीने में एक से चार कप और दो से पांच साल की उम्र में एक से पांच कप पानी पिलाना चाहिए।
Benefits Of Clay Water Pot : गर्मियों में जरूर पिएं मिट्टी के घड़े का पानी, होते हैं ये 5 बेहतरीन फायदे
मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया हमारे शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में बहुत बड़ा योगदान निभाती है। यह विशेष प्रकार के केमिकल रिएक्शन करके हमारी बॉडी को सेहतमंद बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाता है। मिट्टी के घड़े में ऐसे विशेष गुण होते हैं जो पानी के द्वारा अवशोषित कर लिए जाते हैं। इस कारण जब हम इसमें रखा हुआ पानी पीते हैं तो यह मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया को दुरुस्त बनाए रखने में प्रभावी रूप से कार्य करता है।
मिट्टी के घड़े में स्टोर किए गए पानी को पीने से सबसे बड़ा फायदा पेट को होता है। यह पेट से जुड़ी कई प्रकार की समस्याएं जैसे कब्ज, एसिडिटी, पेट में ऐंठन को दूर करने के लिए सकारात्मक असर दिखा सकता है। कई वैज्ञानिक अध्ययन में इस बात का दावा भी किया जा चुका है कि मिट्टी के घड़े या फिर मिट्टी से बने हुए बर्तन में स्टोर किए गए पानी को पीने से पेट से जुड़ी कई प्रकार की समस्याओं से राहत पाई जा सकती है।
डिटॉक्सीकरण के जरिए हम अपने शरीर में मौजूद गंदगी को बाहर करते हैं। इसके लिए लोगों के द्वारा अलग-अलग ड्रिंक का भी सहारा लिया जाता है। वहीं, मिट्टी के घड़े में स्टोर किए गए पानी को अगर पीने के लिए इस्तेमाल किया जाए तो यह शरीर में मौजूद गंदगी को बाहर करने के लिए लाभदायक असर दिखा सकता है। आप चाहें तो इसका सेवन करके इससे होने वाले फायदे को खुद ही महसूस कर सकते हैं।
पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना मिट्टी के घड़े में पानी को स्टोर करके बड़ी आसानी से ठंडा किया जा सकता है। मिट्टी से बने हुए घड़े में ऐसी विशेष प्रक्रिया होती है जिसके कारण जब हम इसमें पानी को स्टोर करते हैं तो वह कुछ ही देर में पानी को ठंडा करने लगता है। करीब 2 घंटे बाद अगर आप इस पानी का सेवन करेंगे तो आपको बिल्कुल फ्रिज में रखे हुए पानी जैसे ही ठंडक का एहसास कराएगा। इसके कारण हमारे शरीर को किसी भी प्रकार का स्वास्थ्य जोखिम भी नहीं उत्पन्न होता है। इसलिए आप चाहे तो मिट्टी के घड़े में पानी को स्टोर करके ठंडा भी कर सकते हैं।
एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, इस बात का भी दावा किया जाता है कि गर्मियों में सन स्ट्रोक से बचे रहने के लिए मिट्टी के घड़े में स्टोर किए गए पानी को पीना काफी लाभदायक साबित होगा। प्राकृतिक रूप से ठंडा होने के कारण मिट्टी के घड़े का पानी आपके शरीर को लंबे समय तक ठंडक प्रदान करेगा और आप सन स्ट्रोक की चपेट में आने से बचे रह सकते हैं।
पानी के अलावा बच्‍चों को और क्‍या दें
बच्‍चों के शरीर में फ्लूइड की मात्रा को संतुलित रखने के लिए पानी के अलावा और भी कई तरल पदार्थ दिए जा सकते हैं, जैसे कि:

ताजा जूस : बच्‍चों को घर पर ही बना ताजा जूस दें और इसमें किसी भी तरह की शुगर न मिलाएं। आप अनार, संतरे या किसी भी अन्‍य फल का जूस दे सकती हैं।
सूप : बच्‍चों के शरीर में पानी की मात्रा को बढ़ाने में सूप भी मदद कर सकते हैं। बच्‍चों को गर्म सूप पिलाएं, इससे उन्‍हें पोषण भी मिलेगा।
दही और दूध : फ्लूइड की पूर्ति के लिए दूध, दही और छाछ भी ले सकते हैं लेकिन अगर आपके बच्‍चे को लेक्टोज इनटोलरेंस है तो ये चीजें न दें।
पानी पीने का तरीका
बच्‍चों को थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पिलाते रहें। एक ही बार में ज्‍यादा पानी पिलाने की गलती न करें। सिरप कप से पानी पीना बच्चे को ज्‍यादा अच्‍छा लगेगा, इसलिए इनका इस्‍तेमाल करें।

बच्‍चों को शुगर युक्‍त जूस या ड्रिंक न दें। वहीं पैकेटबंद जूस भी सेहत के लिए हानिकारक होते हैं। इनमें मौजूद शुगर और प्रिजर्वेटिव्‍स मोटापे और अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं का कारण बन सकते हैं।

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wordpress 3 years ago 5 Answer
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